The right way to drink milk and its benefits [hind]

दोस्तों दूध एक ऐसी चीज है, जो संपूर्ण प्रोटीन हमें प्रदान करता है। यही वजह है कि जो बच्चों को सबसे पहले दूध दिया जाता है। वह आहार से कम नहीं होता यदि आप दूध के फायदे देखेंगे तो यह किसी अमृत से कम नहीं होता। दूध एक एनिमल प्रोडक्ट होता है,जो हमें जीते जाते जानवर से मिलता है। हर वह चीज जो हमें जीते जाते जानवर से मिलती है। उसमें केमिकल रिएक्शन करने का चांसेस बढ़ जाता है। जिस वजह से हमें खट्टी डकार, गैस बनने लगती है, सीने में जलन, स्क्रीन प्रॉब्लम भी शुरू हो सकती हैं। इसलिए दूध से होने वाले फायदे और यह कैसे इस्तेमाल करना चाहिए। किस चीजों में मिलाकर पीना चाहिए, आज हम सारी जानकारी देंगे यहां तक कि दूध का इस्तेमाल कैसे करें 1 दिन में कितना दूध पिया जा सकता है।
  1. कब पीना चाहिए।
  2. वजन बढ़ाने और घटाने में कितना दूध पीना चाहिए। 
  3. दूध गर्म या ठंडा पीना चाहिए।
  4. भैंस का या गाय का पीना चाहिए। 
  5. किन किन चीजों में इस्तेमाल करना चाहिए और नहीं। 
  • दिन में कितना दूध पिया जा सकता है-
सबसे पहले यह जानना होगा कि दूध में कौन-कौन सी प्रोटीन होती है और किस-किस  बीमारी में यह फायदेमंद होता है। दोस्तों दूध मैं सही पोषण होता है, इसलिए इसका सही प्रयोग करने का, पाचन करने का और दिमागी ताकत को बढ़ाने का काम करता है। वजन  बढ़ाना, हड्डियों की मजबूती, रातों को नींद आना, बाल बढ़ना, हेल्थ, फेस की प्रॉब्लम यह सब भी ठीक करता है। दूध में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। 200 मिलीलीटर दूध में 270 मिलीलीटर कैल्शियम होता है। हमारे शरीर को 1 दिन में 1000 मिलीग्राम से लेकर 1200 मिलीग्राम की कैल्शियम की जरूरत पड़ती है। इसे देखा जाए तो 1 दिन में दो गिलास दूध पीने से कैल्शियम पूर्ति हो जाती है और बाकी की कैल्शियम हमें दूसरे खाना से मिल जाती है। जो एक्सरसाइज करते हैं,तो दूध की क्वांटिटी को आप बढ़ा सकते हैं।
  • दूध पीने का सही समय-
दोस्तों दूध का इस्तेमाल कभी भी किया जा सकता है। लेकिन रात को दूध का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। क्योंकि दूध में क्रिप्टोसीन नाम का अमीनो पाया जाता है,जो कि दिमाग को शांत करता है और अच्छी नींद आने में मदद करता है सुबह खुलकर साफ हो जाते हैं। दोस्तों वैसे तो दूध का इस्तेमाल सुबह किया जा सकता है,लेकिन जिसको कब्ज की परेशानी है,एलर्जी है उन्हें दूध का खाली पेट इस्तेमाल नहीं करना चाहिए दूध को पचने में काफी टाइम लगता है,इसलिए हमारे पाचन तंत्र को दूध को बचाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है।
  • दूध कैसे पीना चाहिए गर्म या ठंडा-
दोस्तों दूध हमें गुनगुना ही पीना चाहिए क्योंकि ज्यादा गर्म दूध पचने में टाइम लगता है और ठंडा फ्रिज का दूध निकालकर हम पी लेते हैं तो इसको पचने में काफी टाइम लगता है। तो उसके पूरे पोषण तत्व प्रोटीन हम नहीं ले पाते।
  • दूध गाय का होना चाहिए या भैंस का-
दोनों ही दूध में कैल्शियम पाया जाता है लेकिन  भैंस के दूध में फैट और कैलरी ज्यादा पाई जाती हैं। इसलिए जो लोग अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं। उन्हें भैंस का दूध पीना चाहिए और गाय का दूध हल्का होता है। इसलिए वह पचने में आसानी होती है। गाय के दूध में फैट कम होता है.इसलिए जो लोग अपना वजन बढ़ाना नहीं चाहते उन्हें गाय का दूध भी पीना चाहिए।
  • दूध किन-किन चीजों के साथ और कब पीना चाहिए। 
दोस्तों हमने पहले ही बताया कि दूध जीवित प्राणी से हमें मिलता है। इसलिए इसमें हारमोन एंजाइम्स एमिनो एसिड की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए खाने के साथ वह केमिकल रिएक्शन करने लगता है,इसलिए दूध से मिलने वाली प्रोटीन का फायदा हम नहीं ले पाते। हम खाने के कुछ देर पहले ही हम दूध पीते हैं। तो इसलिए दूध  हमें खाना खाने के तुरंत बाद नहीं पीना चाहिए अक्सर देखा है कि लोग खाना खाने के तुरंत बाद रात में दूध पीते हैं। दूध अपने आप में एक  डाइट के बराबर होता है। खाना खाने के तुरंत बाद अगर हम दूध पीते हैं। तो इसका मतलब है हमने दो बार का खाना एक ही टाइम में खा लिया और साथ ही साथ एसिडिटी,पेट फूलना और पाचन ना होने की समस्या शुरू हो जाती है।इसलिए हमें खाना खाने के 2 घंटे बाद ही दूध को पीना चाहिए और सोने से कुछ देर पहले। दोस्तों खट्टे फूड, जंक फूड, नींबू, अचार, संतरा, नमकीन, पास्ता इसके साथ हमें दूध का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए इनका दूध से पहले या बाद में खाना पाचन क्रिया को धीमा कर देता है जिससे खट्टी डकार और पाचन ना होने की समस्या पैदा होती है।
  1. दोस्तों सेब और केले के साथ कुछ लोग दूध का सेवन करते हैं। यदि आपको पाचन की समस्या नहीं है। तो आप  इसके साथ दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन आयुर्वेदिक की मानें तो दूध खुद में एक हेवी डोज है जिससे पचने में एक घंटा लगता है। अगर हम उसे फल के साथ लेते हैं, तो वह और भी ज्यादा काफी हैवी डाइट हो जाती है। जिसे पचने में काफी वक्त लगता है।जब हम शेक बनाते हैं तो इसके साथ चीनी मिक्स करते हैं। जो कि बिल्कुल सही तरीका नहीं है। 
  2. दूध खुद में ही मीठा होता है अगर आप दूध में मीठा मिक्स करना चाहते ,हैं तो इस आप मिश्री, शहद. देसी खांड का इस्तेमाल किया जा सकता है। 
  3. दूध के पहले या बाद में मीट और मछली का प्रयोग कर लिया जाए तो इस स्क्रीन पर सफेद धब्बे होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हालांकि यह अभी साइंटिफिकली प्रूफ नहीं है। लेकिन इसे नजर अंदाज भी नहीं किया जा सकता क्योंकि स्किन पर सफेद धब्बे होने के कारण भी साइंटिफिकली साबित नहीं है और हमारे बड़े बुजुर्ग भी मछली के साथ दूध लेने से मना करते हैं। मांस और दूध में कम से कम 1 घंटे का फर्क होना चाहिए, क्योंकि मांस खुद में ही एक प्रोटीन आहार है। जिससे खाने से हमें एक डाइट की पूर्ति होती है यदि आप खाने में कच्चे प्याज का सेवन करते हैं। तो यह भी दूध के गुण में बेहतर होता है।
  4. दोस्तों दही में लैपटॉप एसिड नाम का तत्व होता है जिससे दूध दही में जमता है। यदि हम दूध और दही का सेवन एक साथ कर लेते हैं तो दूध का दही बनना पेट में ही शुरू हो जाता है। जिससे हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम कंफ्यूज हो जाता है और पाचन क्रिया में परेशानी होती है इसलिए दूध के साथ दही का सेवन करना नहीं चाहिए। 
  •  किसे दूध नहीं पीना चाहिए
     जिसके हाथ में चोट लगी है, जिसकी हाल ही में सर्जरी हुई है उसे कुछ दिन के लिए दूध का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि दूध का लगातार इस्तेमाल करने से जख्म सुख नहीं पाता और हमें इस समस्या का सामना करना पड़ता है। जिन्हें लेक्टो से एलर्जी है और जिनके शरीर पर एक्ने और पिंपल की प्रॉब्लम रहती है उन्हें भी दूध का इस्तेमाल कम करना चाहिए और बॉडी की ग्रोथ को देखते हुए धीरे-धीरे दूध की मात्रा बढ़ानी चाहिए।
    दोस्तों यह हमारी छोटी सी कोशिश थी आज तक सही जानकारी पहुंचाने की अगर आपको यह कोशिश पसंद आई हो तो प्लीज आर्टिकल को लाइक और कमेंट जरूर करें। 

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